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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 12 सितंबर को हुई बोर्ड मीटिंग में कई महत्वपूर्ण सुधारों को मंजूरी दी। इसमें आईपीओ से जुड़े नियमों में ढील, न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय, और विदेशी निवेशकों के लिए निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।

इसके अलावा, REITs और InvITs को इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स का दर्जा देकर सेबी ने इन निवेश साधनों को और आकर्षक बना दिया है। साथ ही, अब बड़ी कंपनियों को भी छोटे साइज के आईपीओ लाने की सुविधा होगी, जिससे वे आसानी से बाजार से पूंजी जुटा सकेंगी।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की शुक्रवार को हुई बैठक में आईपीओ और MPS नियमों में बड़े बदलाव किए गए।
इन फैसलों का मकसद बड़ी कंपनियों को छोटे आकार के आईपीओ लाने और सार्वजनिक हिस्सेदारी को धीरे-धीरे बढ़ाने की सुविधा देना है।